ये मछलियां ज़रूरत पड़ते ही बदल लेती हैं अपना जेंडर
क्लाउनफिश और रैस मछली जेंडर बदल सकती हैं जिसे सीक्वेंशियल हर्माफ्रोडिटिज़्म कहते हैं। क्लाउनफिश के समूह में आमतौर पर एक मादा होती है और किसी कारण से मादा के मरने पर समूह का सबसे मज़बूत नर धीरे-धीरे मादा में बदल जाता है। रैस मछली आमतौर पर पहले मादा पैदा होती है और बाद में परिस्थिति अनुसार नर बन जाती है।