यूपी में गैंगरेप की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने वाली महिला को हुई 7.5 साल की जेल की सज़ा

लखनऊ (उत्तर प्रदेश) में एससीएसटी ऐक्ट के विशेष न्यायाधीश विवेकानंद शरण त्रिपाठी ने एक महिला को गैंगरेप का झूठा मुकदमा दर्ज कराने के आरोप में 7.6 साल की जेल की सज़ा और ₹2 लाख का जुर्माना लगाया है। कोर्ट के मुताबिक, केवल केस दर्ज होने पर नहीं बल्कि आरोप पत्र दाखिल होने के बाद महिलाओं को राहत राशि दी जाए।

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