रिंग फिंगर के पास अलग या स्वतंत्र मांसपेशियां नहीं होतीं जो इसे उठा सकें। रिंग फिंगर की मांसपेशियां और टेंडन अन्य उंगलियों से जुड़े होते हैं और इसकी व छोटी उंगली की नसें एक-दूसरे में उलझी होती हैं। इसके चलते ही रिंग फिंगर को अकेले उठाना मुश्किल होता है और इसे उठाने के दौरान दूसरी उंगली भी उठने लगती है।