देशभर में दशहरे पर रावण का पुतला जलाकर बुराई पर अच्छाई की जीत का जश्न मनाया जाता है लेकिन जोधपुर (राजस्थान) में कुछ परिवार रावण को अपना पूर्वज मानते हैं। दवे-गोधा श्रीमाली ब्राह्मण समुदाय के लोग पितृपक्ष में रावण, उनके पिता विश्रवा और दादा महर्षि पुलस्त्य का तर्पण-पिंडदान करते हैं। कई लोग रावण दहन पर शोक भी मनाते हैं।