दिवाली पर माता लक्ष्मी की पूजा रात या सूर्यास्त के बाद ही की जाती है। पौराणिक कथाओं के मुताबिक, समुद्र मंथन की घटना रात के समय हुई थी और इस दौरान माता लक्ष्मी प्रकट हुई थीं इसलिए दिवाली सूर्यास्त के बाद मनाई जाती है। वहीं, मान्यता है कि दिवाली पर रात के समय माता लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं।