रामभद्राचार्य को किसने दिया था गिरिधर नाम, कैसे 2 माह की उम्र में छिनी आंखों की रोशनी
आजीवन ब्रह्मचारी रहने का व्रत लेने वाले जगद्गुरु रामभद्राचार्य का जन्म 1950 में जौनपुर (यूपी) के शादीखुर्द में हुआ था और रिश्ते के एक दादा ने भगवान कृष्ण के नाम पर उन्हें गिरिधर नाम दिया था। रामभद्राचार्य को 2 माह की उम्र में ट्रेकोमा नामक बीमारी हो गई थी जिसके चलते उनकी आंखों की रोशनी खत्म हो गई थी।