रोज़ सुबह फॉर्च्यूनर से आकर सड़क पर लगाते हैं झाड़ू, ₹50 से शुरू हुई शख्स की ज़िंदगी कैसे बदली?

कर्नाटक के सेसप्पा रोज़ सुबह फॉर्च्यूनर से काम पर पहुंचकर सड़कों पर झाड़ू लगाते हैं। उन्होंने 1996 में ₹50 रोज़ की कमाई से सरकारी सेवा शुरू की थी। आर्थिक तंगी और शराब की लत के चलते उनकी ज़िंदगी मुश्किल दौर में पहुंच गई थी। 2005 में एक सब-इंस्पेक्टर से मुलाकात के बाद उन्होंने शराब छोड़कर ज़िंदगी सुधारने का फैसला किया।

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