आरबीआई ने एनबीएफसी कंपनियों के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं जिसके बाद अब ₹1 लाख करोड़ से बड़े असेट साइज़ वालीं कंपनियां अपर लेयर कैटेगरी में आएंगी। वहीं, इस पैमाने की समीक्षा हर तीन साल में की जाएगी। अपर लेयर में शामिल होने वालीं सरकारी कंपनियों के लिए शेयर बाज़ार में लिस्ट होना अनिवार्य नहीं होगा।