रचनात्मक स्वतंत्रता के नाम पर फिल्मों में विकलांगों का मज़ाक नहीं उड़ाना चाहिए: SC
सुप्रीम कोर्ट ने परेश रावल व शरमन जोशी अभिनीत विकलांग किरदारों वाली फिल्म 'आंख मिचौली' को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा है कि रचनात्मक स्वतंत्रता के नाम पर फिल्मों में विकलांगों का मज़ाक नहीं उड़ाया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने फिल्मों और टीवी में विकलांगजनों के चित्रण के बारे में दूसरे दिशा-निर्देश भी जारी किए।