रतन टाटा के निधन के बाद टाटा ट्रस्ट में आया है कौनसा बदलाव?

'लाइवमिंट' के अनुसार, सर रतन टाटा ट्रस्ट और सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट ने सदस्यों के लिए तय कार्यकाल का सिस्टम खत्म कर उन्हें स्थाई सदस्य बनाया है। अब सदस्य 3 साल बाद रिटायर नहीं होंगे और इस्तीफा देने का फैसला लेने तक सदस्य बने रहेंगे। रतन टाटा के निधन के बाद नोएल टाटा अब टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन बने हैं।

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