लाइ डिटेक्टर टेस्ट और नार्को टेस्ट में क्या अंतर है?
लाइ डिटेक्टर/पॉलीग्राफ टेस्ट एक साइंटिफिक मेथड है जिसमें उपकरणों व सेंसर्स के ज़रिए आरोपी के हार्ट-रेट, ब्लड-प्रेशर और सांस लेने की दर के आधार पर झूठ पकड़ा जाता है। वहीं, नार्को टेस्ट में आरोपी को सोडियम पेंटोथल का इंजेक्शन लगाया जाता है जिससे वह आधी बेहोशी की हालत में चला जाता है और इसके बाद उससे सवाल पूछे जाते हैं।