लिव-इन रिलेशनशिप शादी के बराबर, कोई दखल नहीं दे सकता: दिल्ली हाई कोर्ट
दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि बालिग जोड़ों का सहमति से लिव-इन रिलेशनशिप में रहना उनकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हिस्सा है। परिवार या रिश्तेदार इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकते। कोर्ट ने सुरक्षा मांगने वाले करीब 30 वर्षीय कपल को पुलिस सुरक्षा देने का आदेश दिया। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि लिव-इन संबंध कानूनी विवाह के समान नहीं है।