लिव-इन रिलेशनशिप समाज में स्वीकार्य नहीं है, यह पश्चिमी अवधारणा है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में लिव-इन रिलेशनशिप पर टिप्पणी की, "(यह) समाज में स्वीकार्य नहीं है। हम किसी पश्चिमी देश में नहीं रह रहे हैं।" कोर्ट ने कहा, "हम ऐसे देश में रहते हैं...जहां लोग संस्कृति और परंपराओं में विश्वास करते हैं।" दरअसल, एक मुस्लिम लड़की ने कोर्ट से हिंदू लिव-इन पार्टनर संग रहने को लेकर अनुरोध किया था।