नासा द्वारा फंडेड एक नई स्टडी के मुताबिक, पानी से भरपूर लौह खनिज फेरिहाइड्राइट से बनने वाली लाल धूल के चलते मंगल ग्रह का रंग लाल है। स्टडी में अनुमान लगाया गया कि किसी कालखंड में मंगल ग्रह पर चट्टानों के भीतर के आयरन ने पानी या हवा के ऑक्सीजन से अभिक्रिया कर आयरन ऑक्साइड का निर्माण किया होगा।