वॉटर फास्टिंग के तहत 24-घंटे या कई दिनों/हफ्तों तक केवल पानी पीना होता है। नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ के मुताबिक, वॉटर फास्टिंग के चलते खून में शुगर व सोडियम लेवल गिर सकता है जबकि यूरिक एसिड बढ़ सकता है। इसके अलावा इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बिगड़ने से डिहाइड्रेशन हो सकता है, मेटाबॉलिज़्म बिगड़ सकता है और विटामिन्स-मिनरल्स की कमी हो सकती है।