वाराणसी के अस्सी घाट का नाम कैसे पड़ा जहां तुलसीदास ने की थी रामचरितमानस की रचना?

पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान शिव के रूप रूद्र ने गुस्से में वाराणसी के इस घाट पर 80-दैत्यों का वध किया था जिसके चलते इसका नाम अस्सी पड़ा। अन्य कथा के मुताबिक, देवी दुर्गा ने शुभ-निशुंभ राक्षसों का संहार करने के बाद अपनी तलवार (असि) यहां नदी में फेंक दी थी। गोस्वामी तुलसीदास ने यहीं रामचरितमानस की रचना की थी।

Load More