शरीयत काउंसिल कोई कोर्ट नहीं है: मुस्लिम शख्स की पहली शादी को वैध बताते हुए हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट ने एक मुस्लिम कपल के ट्रिपल तलाक के मामले में कहा है कि शरीयत काउंसिल निजी संस्था है, कोर्ट नहीं है। शरीयत से मिले डिवोर्स सर्टिफिकेट के आधार पर शख्स ने दूसरी शादी कर ली थी जिसके बाद पहली पत्नी कोर्ट पहुंची थी। हाईकोर्ट ने कहा कि फैसला किसी कोर्ट ने नहीं सुनाया इसलिए पहली शादी मान्य रहेगी।