बार्सिलोना यूनिवर्सिटी की स्टडी में पाया गया है कि कुछ जिराफ 2 मात्राओं को जोड़कर यह पहचान सकते हैं कि 2 विकल्पों में से किसमें अधिक भोजन है जो साधारण जोड़ जैसी प्रक्रिया है। रिसर्च के मुताबिक, जिराफों में ऐसी संज्ञानात्मक क्षमता हो सकती है, जो आगे चलकर अधिक जटिल गणितीय कौशल का आधार बन सकती है।