सैलरी रुकी तो ठप पड़ जाएगी ज़िंदगी? जानें अगले सैलरी क्रेडिट पर निर्भर होने के क्या हैं नुकसान
कई लोग आज ऐसी स्थिति में है जहां उनका पूरा खर्च अगली सैलरी पर टिका होता है। सैलरी लेट होते ही किराया, EMI और बिल जैसे आर्थिक दबाव बढ़ने लगते हैं। बकौल विशेषज्ञों, ऐसे में बचत-निवेश रुक जाते हैं और छोटी परेशानी भी बड़ा संकट बन जाती है। इससे बचने के लिए इमरजेंसी-फंड बनाना और खर्च पर कंट्रोल ज़रूरी है।