सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड से हुई कमाई? जानें ITR में सही तरीके से इसे कैसे दिखाएं
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) से जुड़े सभी लेनदेन को मामले के अनुसार ITR-2, ITR-3 या ITR-4 के संबंधित शेड्यूल में दर्ज करना ज़रूरी है। SGB पर मिलने वाला 2.5% वार्षिक ब्याज पूरी तरह टैक्स योग्य होता है और इसे Schedule OS में दिखाना अनिवार्य है। मैच्योरिटी से पहले बेचे गए SGB पर हुए मुनाफे को Schedule CG में दिखाना होगा।