दिल्ली के डॉक्टर कमलजीत सिंह के मुताबिक, तापमान में कमी आने से शरीर के मेटाबॉलिज़्म रेट में कमी आती है व ठंड के मौसम में शारीरिक गतिविधियां कम होने के चलते रक्त शर्करा का स्तर बढ़ सकता है। इसके अलावा मौसम बदलने से वायरल संक्रमण की संभावना भी अधिक होती है जिससे मधुमेह नियंत्रण में कठिनाई हो सकती है।