सरकारी कंपनी PFC-REC के विलय को राष्ट्रपति से मिली मंजूरी, निवेशकों के लिए क्या हैं इसके मायने?
पावर सेक्टर की सरकारी कंपनियों PFC और REC के विलय को राष्ट्रपति की मंज़ूरी मिल गई है। विलय के बाद REC का स्वतंत्र अस्तित्व समाप्त हो जाएगा और उसकी सभी संपत्तियां, कारोबार व देनदारियां PFC में समाहित हो जाएंगी। अब निवेशकों की नजर शेयर-स्वैप रेशियो पर है जिसके आधार पर REC के शेयरधारकों को PFC के शेयर आवंटित किए जाएंगे।