साल में 2 बार आयोजित की जाएंगी बोर्ड परीक्षाएं: केंद्र सरकार
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा तैयार की गई नई पाठ्यक्रम रूपरेखा के अनुसार, अब साल में 2 बार बोर्ड परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी और जिस परीक्षा में छात्र-छात्राओं को सर्वाधिक अंक मिलेंगे उसका स्कोर ही मान्य होगा। रूपरेखा के अनुसार, 11वीं और 12वीं कक्षाओं के छात्र-छात्राओं को 1 भारतीय भाषा समेत 2 भाषाओं का अध्ययन करना होगा।