फरीदाबाद (हरियाणा) में कार्यरत न्यूरोलॉजिस्ट कुणाल बहरानी के अनुसार, हीटवेव में शरीर का तापमान बढ़ने से दिमाग पर दबाव बढ़ता है। बकौल डॉक्टर, हीटस्ट्रोक होने पर मस्तिष्क की कोशिकाएं ठीक से काम नहीं कर पातीं जिसका असर सोचने-समझने व याददाश्त पर पड़ सकता है। एक शोध के अनुसार, हीटवेव से कुछ लोगों में डिप्रेशन-एंग्ज़ायटी की समस्या भी बढ़ जाती है।