'ऐस्ट्रोयोगी' के मुताबिक, मांस-मदिरा का सेवन करने के बाद कभी हनुमान चालीसा का पाठ नहीं करना चाहिए। घर में किसी का निधन होने पर भी सूतक काल तक हनुमान चालीसा का पाठ न करें। लोगों को बिना नहाए हनुमान चालीसा का पाठ करने से भी बचना चाहिए। इसके अलावा, वासना जनित खयालों से घिरे होने पर भी चालीसा न पढ़ें।