नासा के मुताबिक, चंद्रमा की कक्षा झुकी होने से इसकी छाया का स्थान बदलता रहता है। कई बार चंद्रमा की छाया पृथ्वी से बहुत ऊपर और कई बार बहुत नीचे होती है। ग्रहण के लिए चंद्रमा-पृथ्वी एक रेखा में होने चाहिए। चंद्रमा हर बार सूर्य को नहीं ढकता है जिसके चलते हर 'न्यू मून' सूर्य ग्रहण में नहीं बदलता है।