ज्योतिषी पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा ने बताया है कि दरार या फटी हुई भूमि पर हवन कुंड का निर्माण नहीं करना चाहिए। हवन कुंड में तीन सीढ़ियां होती हैं जिन्हें मेखला कहते हैं। कुंड की पहली सीढ़ी सफेद, दूसरी लाल और अंतिम सीढ़ी काली रंग की होनी चाहिए। हवन के समय मन में भगवान के प्रति श्रद्धा भाव होना चाहिए।