हिंदू धर्म में हवन के दौरान आहुति देते वक्त 'स्वाहा' का उच्चारण किया जाता है जिसका अर्थ 'सही रीति से पहुंचाना' है। यजुर्वेद के अनुसार, दक्ष प्रजापति की पुत्री का नाम 'स्वाहा' था जिनका विवाह अग्निदेव से हुआ था। मान्यता है कि अग्निदेव मनुष्यों द्वारा तभी हवन सामग्री स्वीकार करते हैं जब उनकी पत्नी 'स्वाहा' का नाम लिया जाए।