हिंदू विवाह एक संस्कार है, यह 'नाच-गाना' और 'वाइनिंग-डाइनिंग' का समारोह नहीं है: सुप्रीम कोर्ट
हिंदू विवाह में रीति-रिवाज़ों की महत्ता को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है, "हिंदू विवाह एक संस्कार है जिसे भारतीय समाज में महान मूल्य की संस्था के रूप में दर्जा दिया जाना चाहिए।" कोर्ट ने कहा, "हिंदू विवाह 'नाच व गाना', 'वाइनिंग व डाइनिंग' या दहेज के आदान-प्रदान का समारोह नहीं है। हिंदू विवाह कोई व्यावसायिक लेन-देन नहीं है।"