150 साल पुरानी परंपरा, कोटा में रावण को जलाया नहीं पैरों से रौंदा जाता है
राजस्थान के कोटा में जेठी समाज लगभग 150 वर्षों से दशहरा पर एक अलग परंपरा का निर्वहन करता आ रहा है। परंपरा के अनुसार, यहां लोग मिट्टी के रावण को बनाते हैं और उसे पैरों से रौंदकर उसके अहंकार को मिट्टी में मिला देते हैं। जो रावण बनाया जाता है, उसके ऊपर ज्वारे उगाए जाते हैं।