35 बेटियों का 'पिता' है झारखंड का शख्स, ट्रेनों-झाड़ियों में छोड़ी गईं बच्चियों का बना सहारा
झारखंड के रहने वाले हरेराम पांडे ने जंगलों-झाड़ियों और ट्रेनों में लावारिस छोड़ी गईं 35 बच्चियों का रेस्क्यू किया और पिता बनकर उन सबका पालन-पोषण कर रहे हैं। उन्होंने अपनी पत्नी के साथ मिलकर देवघर में नारायण सेवा आश्रम की शुरुआत की जहां सारी बच्चियां रहती हैं। 2004 में उन्हें पहली बार जंगल में लावारिस नवजात बच्ची मिली थी।