अंग्रेज़ों के ज़माने में जौनपुर पहुंचे थे महात्मा गांधी, ज़मींदार से मांग ली बेशकीमती चीज़

2 अक्टूबर 1929 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जौनपुर (यूपी) के एक ज़मींदार परिवार से मिले थे। वहां के तत्कालीन ज़मींदार ने उनसे पूछा कि जन्मदिन पर क्या उपहार लेंगे तो उन्होंने ज़मींदारी से जुड़े कागज़ात वाला बक्सा लाने को कहा। इसके बाद बापू ने उसमें मौजूद कागज़ जला दिए और कहा, "आज से ज़मींदारी खत्म है...जो जहां है, वहीं रहेगा।"

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