पौराणिक कथाओं के अनुसार, दैत्य अंधकासुर को सूर्य देव से अजय होने का वरदान मिला था। वरदान के अहंकार में अंधकासुर के क्रोध से उपजे 'क्रोधासुर' ने देवताओं को स्वर्ग से निष्कासित कर दिया। देवताओं की प्रार्थना पर श्री गणेश ने लंबोदर अवतार धारण कर क्रोधासुर का घमंड चूर किया और उसे अभयदान देकर पाताल लोक भेजा।