विशेषज्ञों के मुताबिक, डेटा लीक होने से अपने आप किसी के नाम पर लोन नहीं मिल जाता। हालांकि, नाम, मोबाइल नंबर, जन्मतिथि, पता और लोन संबंधी जानकारी इस्तेमाल कर धोखेबाज़ फर्ज़ी पहचान बना सकते हैं या ग्राहक बनकर धोखाधड़ी कर सकते हैं। धोखेबाज़ इसका इस्तेमाल फिशिंग कॉल करने और लोन आवेदन/वेरिफिकेशन प्रक्रिया में हेरफेर करने के लिए कर सकते हैं।