एक उच्चस्तरीय समिति ने 'एक देश, एक चुनाव' का समर्थन करते हुए कहा है कि बार-बार चुनाव कराने से सरकारी खज़ाने पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। सरकार के अनुसार, अलग-अलग चुनाव कराने से 'अनिश्चितता, अस्थिरता' व नीतिगत दिक्कतें आती हैं और सरकारी मशीनरी और विकास कार्य प्रभावित होते हैं। बकौल सरकार, अलग-अलग चुनाव से मतदाताओं की भागीदारी घट सकती है।