धन के देवता कुबेर को संपत्ति पर बहुत घमंड था और उन्होंने भगवान गणेश को भोजन पर आमंत्रित किया। गणेश जी ने सारा भोजन खा लिया लेकिन उनकी भूख शांत नहीं हुई। कुबेर घबराकर भगवान शिव के पास पहुंचे। शिवजी ने उन्हें मुट्ठीभर चावल दिए, जिन्हें प्रेम से खिलाते ही गणेश जी तृप्त हो गए। इससे कुबेर का घमंड टूटा।