फेस्टिव सेल की चकाचौंध, आसान EMI कहीं बना न दे कर्ज़ का जाल!
त्योहारी सीज़न में मिलने वाले भारी डिस्काउंट, इंस्टेंट लोन और नो-कॉस्ट EMI के ऑफर्स ग्राहकों को आकर्षित करते हैं। हालांकि, वित्तीय विशेषज्ञों के मुताबिक बिना बजट का ध्यान रखे ली गईं कई छोटी-छोटी किस्तें भारी पड़ सकती हैं। बकौल एक्सपर्ट्स, अगर कुल EMI मासिक कमाई के 35-40% से अधिक हो तो ग्राहक गंभीर कर्ज़ के जाल में फंस सकते हैं।