बिल्डर ने फ्लैट देने में की देरी? EMI से GST तक, इन खर्चों से हो सकता है नुकसान
बिल्डर से फ्लैट का पजेशन मिलने में देरी होने पर खरीदार को बिना घर मिले भी लोन की ईएमआई देनी पड़ सकती है। लोन की प्रोसेसिंग फीस/कानूनी जांच/बीमा प्रीमियम/जीएसटी/स्टाम्प ड्यूटी/रजिस्ट्रेशन का खर्च भी उठाना पड़ता है और बिल्डर से रिफंड मिलने पर ये रकम अपने आप वापस नहीं होती है। बिक्री समझौते के तहत कैंसलेशन चार्ज भी कट सकता है।