भयावह: मद्रास एचसी के आदेश 'चाइल्ड पॉर्न देखना पॉक्सो ऐक्ट के तहत अपराध नहीं' पर एससी
सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के उस आदेश पर हैरानी जताई है जिसमें कहा गया था कि चाइल्ड पॉर्न देखना पॉक्सो ऐक्ट के तहत अपराध नहीं है। सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने कहा, "जज ऐसा कैसे कह सकते हैं?...यह भयावह है...नोटिस जारी करें।" एनजीओ 'जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन अलायंस' ने हाईकोर्ट के फैसले को एससी में चुनौती दी थी।