1996 में ₹300 रिश्वत लेने का था आरोप, MP हाई कोर्ट ने अब किया पटवारी को दोषमुक्त
मध्यप्रदेश में 1996 में ₹300 रिश्वत लेते पकड़े गए पटवारी मुन्ना लाल को जबलपुर हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने दोषमुक्त कर दिया है। हाई कोर्ट ने कहा कि रिश्वत मांग की रिकॉर्डिंग सत्यापित नहीं हुई, शिकायतकर्ता के बयान में विसंगतियां थीं और केवल रकम बरामदगी से अपराध सिद्ध नहीं होता। कोर्ट ने सरकार की अपील खारिज कर दी है।