बिना ठोस सबूत के किसी काम को अनैतिक मानकर सजा नहीं दी जा सकती: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने बलात्कार के मामले में 10-साल की सज़ा पाने वाले शख्स को बरी करते हुए कहा है कि किसी काम के अनैतिक होने के आधार पर बिना ठोस सबूत के किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। शख्स ने निचली अदालत द्वारा दोषी ठहराने के फैसले को बरकरार रखने के पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के निर्णय को चुनौती दी थी।