द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, हिरासत पूरी तरह से एक निवारक कदम है और इसका उद्देश्य किसी संभावित अपराध को होने से रोकना या कानून-व्यवस्था बिगड़ने से बचाना है। इसमें व्यक्ति पर आधिकारिक FIR दर्ज नहीं होती। गिरफ्तारी तब की जाती है जब किसी व्यक्ति पर कोई विशिष्ट अपराध करने का पुख्ता आरोप हो या उसके खिलाफ FIR दर्ज हो।