क्या असम के इस गांव में पक्षी खुद आकर करते हैं 'आत्महत्या'?
हर साल मॉनसून के बाद असम के जतिंगा गांव में बड़ी संख्या में पक्षी मृत-घायल मिलते हैं इसलिए यह गांव पक्षियों के लिए 'आत्महत्या स्थल' के रूप में जाना जाने लगा। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह आत्महत्या नहीं है बल्कि घना कोहरा/तेज़ हवाएं/कृत्रिम रोशनी पक्षियों को भटका देती है और उड़ान भरते समय पक्षी अंधेरे में पेड़/घरों/खंभों से टकरा जाते हैं।