पसर्नल लोन के तहत जब बकाया लोन की एकमुश्त बड़ी राशि जमा कराई जाती है जो नियमित ईएमआई से अधिक है उसे पार्ट-पेमेंट कहते हैं। वहीं, लोन अवधि खत्म होने से पहले पूरी बकाया राशि चुकाना प्री-पेमेंट है। पार्ट-पेमेंट से ब्याज और लोन की अवधि कम होती है जबकि प्री-पेमेंट से ईएमआई जैसे झंझट से मुक्ति मिलती है।