'हाथ कंगन को आरसी क्या, पढ़े लिखे को फारसी क्या' इस मुहावरे में इस्तेमाल आरसी शब्द संस्कृत से लिया गया है और इसका मतलब आईना होता है। मुहावरे में 'हाथ कंगन को आरसी क्या' का अर्थ है- हाथ के कंगन को देखने के लिए आईने की ज़रूरत नहीं होती अर्थात जो चीज़ आंखों के सामने हो उसे क्या बयान करना।