₹150 की दिहाड़ी पर ढाबे में बर्तन धोते थे ऋषिकांत सिंह, अब CWG 2026 में जीता सिल्वर
CWG 2026 में सिल्वर जीतने वाले भारतीय वेटलिफ्टर ऋषिकांत सिंह ने बताया है कि वह किशोरावस्था में एक ढाबे पर काम करते थे और बर्तन धोने व पानी ढोने के लिए लिए उन्हें ₹150 की दिहाड़ी मिलती थी। उन्होंने कहा, "पिता टैक्सी चालक थे। घर के हालात इतने खराब थे कि हम दिन में सिर्फ एक बार खाना खाते थे।"
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