आइस वीसी के फाउंडिंग पार्टनर मृणाल झावेरी ने बताया है कि उन्हें बतौर निवेशक शुरुआती चरण के स्टार्टअप-फाउंडर से 'बहुत असहज' बातचीत करनी पड़ी। उन्होंने बताया कि फाउंडर ने कंपनी को मिली ₹5 करोड़ की फंडिंग का इस्तेमाल अपने लिए नई कार खरीदने और अपार्टमेंट अपग्रेड करने में किया। बकौल झावेरी, निवेश का इस्तेमाल व्यक्तिगत विलासिता में करना गलत है।