30 जुलाई 2012 को उत्तरी ग्रिड में खराबी के कारण दिल्ली, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश में एक साथ बिजली गुल हो गई थी। इससे करीब 36 करोड़ लोग प्रभावित हुए थे। बकौल रिपोर्ट्स, 2012 के दौरान बिजली का कोई ऑडिट न होने की वजह से यह स्थिति बनी और 48,000 मेगावॉट का नुकसान हुआ था।