40°C में यूरोप की सड़कें पिघल रही हैं लेकिन भारत में 45°C पर ऐसा नहीं होता, क्यों?
यूरोपियन सड़कें कड़ाके की सर्दियों को ध्यान में रखकर बनाई जाती हैं इसलिए वहां अपेक्षाकृत मुलायम बिटुमेन का इस्तेमाल होता है जो शून्य से नीचे तापमान में लचीला लेकिन हीटवेव में पिघलने लगता है। भारत की सड़कों में कठोर VG-ग्रेड बिटुमेन और बड़े एग्रीगेट वाले डामर-मिश्रण का उपयोग किया जाता है जो 45°C+ तापमान में भी मज़बूती बनाए रखते हैं।
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