नकली आधार की समस्या दूर करेगा भारत ABIS, जानिए कैसे करता है काम
UIDAI ने Bharat ABIS तकनीक पेश की है जो एक ओपन-सोर्स बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन सिस्टम है। इसे राष्ट्रीय स्तर पर डेटा डुप्लीकेशन खत्म करने के लिए तैयार किया गया है। ABIS फिंगरप्रिंट/आइरिस/चेहरे के डेटा को मिलाकर 13.5KB का सिंगल टेंपलेट बनाता है। इसके बाद इसे डेटाबेस से मिलाकर व्यक्ति की पहले से मौजूद ID का पता लगाया जाता है।
read more at Newsbytesapp


